Posts

वीरान होते गाँव, नीरस होता फगुआ

भारतीय परंपरा का एक बहुत ही सुंदर त्योहार होली आ गयी है ,आज की इस भागमभाग भरी जिन्दंगी में शायद हम इतने आगे निकल गए कि जो त्योहार हमारी पहचान और उल्लास का कारण हुआ करते थे वो अ...

चुनावी साल: उछलते मुद्दे

चुनाव आते ही एक काम हमारे नेता बड़े ही ईमानदारी से करते है ,वैसे पूरे पांच साल तो ये कोई काम नही करते लेकिन चुनाव आते ही इनका सबसे लोकप्रिय काम होता है अपनी प्यारी और भोली भाली ...

सादगी की मिसाल :मनोहर परिक्कर जी

आज भारत के पूर्व रक्षामंत्री मनोहर परिक्कर का जाना भारतीय राजनीति के लिए बहुत बड़ी क्षति है जिसका पूर्ण होने असम्भव है।उनके जीवन की एक घटना का जिक्र करना चाहूंगा एक बार एक ऑडी कार एक स्कूटर से टकरा गई और कार से उतर कर एक नवयुवक कहता है कि मैं गोवा के पुलिस कमिश्नर का बेटा हूं और स्कूटर से उठकर एक युवक बड़ी ही सादगी से कहता है कि मैं गोवा का मुख्यमंत्री हूं ऐसी सादगी के मिसाल थे मनोहर परिक्कर जी , विवादों से अलग रहकर एक रक्षामंत्री के रूप में पहले देश की सेवा की फिर गोवा की जनता की सेवा अंतिम सांस तक करते रहे ऐसे नेता आज के परिवेश में बहुत ही कम मिलते है । नेताओ को इनसे सीखने की जरूरत है कि विवादों से दूर रहकर देश सेवा कैसे की जाती है माननीय परिक्कर जी हमेशा देश के इतिहास में एक सादगी पूर्ण और उन्नतिशील नेता के रूप में याद किये जायेंगे अंत मे आपको भावपूर्ण श्रधांजलि

चुनाव और भारतीय किसान

हमारे देश मे वर्तमान समय मे अगर कुछ जोर शोर से चल रहा है तो वो चुनाव ही है ,बाकी चीजे तो अभी कुछ दिनों के लिए एक तरफ हो गयी है । बस हर पार्टी हर किसी को अपनी तरफ आकर्षित करने के लिए ...

चुनावी साल में रोजगार का सवाल

जैसा कि चुनाव की घोषणा हो गयी है और एक अहम सवाल अबकी चुनाव को जरूर प्रभावित करेगा जो है 'रोजगार' का सवाल जब वर्तमान सरकार सत्ता में आई तो सभी सवालों में एक सबसे ज्यादा जो लुभान...

World consumer right day :आपका अधिकार

आज विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस है आखिर क्या है उपभोक्ता अधिकार खरीदी गई किसी वस्तु ,सेवा और उत्पाद में हुई किसी कमी या हानि के बदले हमे जो कानूनी संरक्षण प्राप्त होता है वही उपभोक्ता अधिकार है आज परिवेश में उत्पादों और सेवाओं में बढ़ोत्तरी बड़ी ही रफ्तार से हो रही है । नित दिन नए नए उत्पाद बाजार में आ रहे है ,उनमे से कुछ तो हमारे और आपके लिए अच्छे साबित होते है और कुछ उत्पाद खराब होने की वजह से हमारा बहुत ही नुकसान करवा बैठते है । यह नुकसान कभी कभी इतना बड़ा होता है कि उससे अपना बहुत कुछ गवा बैठते है आज के दौर में हर व्यक्ति किसी न किसी रूप में उपभोक्ता तो जरूर है ।वह जब कोई सेवा को खरीदता है तो उसके बदले में वह पैसे खर्च करता है और बदले में वह उस सेवा से पूर्णतः संतुष्टि चाहता है,लेकिन कभी कभी ऐसा होता है वह जो समान या सेवा ख़रीदता है वह खराब निकलती है तब उपभोक्ता के सामने समस्या यह होती है कि वह इसकी शिकायत कहा करे पहले तो वह उस कंपनी या फर्म से शिकायत करता है कि उसने जो उत्पाद लिया वह उसके मांग के हिसाब से खरा नही है यदि वह कंपनी या फर्म उसे सही कर दे तो कोई बात नही ,लेकिन बहुत बा...

किसान

।।कैसा है श्मशान देख ले चल मेरा खलिहान देख ले अगर देखना है मुर्दे को चलकर एक किसान देख ले सर्वनास का सर्वे कर कर के पटवारी तू धनवान देख ले फिर अंगूठा टिकाता जगह जगह सेठ तू मेहरबान देख ले मरहम में नमक रगड़ते सरकारी एहसान देख ले राम और राज दोनो रूठे है बस बेबस मुस्कान देख ले कुर्की की डिक्री पर अंकित तू गिरता मकान देख ले सम्मन मिला है कचहरी से अधिग्रहण का फरमान देख ले तस्वीर के पर झाक कर बेबस और लाचार किसान देख ले नेता जी के भाषण वाला रोज मरता किसान देख ले आमदनी दुगना करने वाला भाषण का फरमान देख ले देखना है भारत तुझको आ बेबस और लाचार गांव का किसान देख ले ।। Copied