किसान

।।कैसा है श्मशान देख ले
चल मेरा खलिहान देख ले
अगर देखना है मुर्दे को
चलकर एक किसान देख ले
सर्वनास का सर्वे कर कर के
पटवारी तू धनवान देख ले
फिर अंगूठा टिकाता जगह जगह
सेठ तू मेहरबान देख ले
मरहम में नमक रगड़ते
सरकारी एहसान देख ले
राम और राज दोनो रूठे है
बस बेबस मुस्कान देख ले
कुर्की की डिक्री पर अंकित
तू गिरता मकान देख ले
सम्मन मिला है कचहरी से
अधिग्रहण का फरमान देख ले
तस्वीर के पर झाक कर
बेबस और लाचार किसान देख ले
नेता जी के भाषण वाला
रोज मरता किसान देख ले
आमदनी दुगना करने वाला
भाषण का फरमान देख ले
देखना है भारत तुझको
आ बेबस और लाचार गांव का किसान देख ले ।।
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