सादगी की मिसाल :मनोहर परिक्कर जी
आज भारत के पूर्व रक्षामंत्री मनोहर परिक्कर का जाना भारतीय राजनीति के लिए बहुत बड़ी क्षति है जिसका पूर्ण होने असम्भव है।उनके जीवन की एक घटना का जिक्र करना चाहूंगा
एक बार एक ऑडी कार एक स्कूटर से टकरा गई और कार से उतर कर एक नवयुवक कहता है कि मैं गोवा के पुलिस कमिश्नर का बेटा हूं
और स्कूटर से उठकर एक युवक बड़ी ही सादगी से कहता है कि मैं गोवा का मुख्यमंत्री हूं
ऐसी सादगी के मिसाल थे मनोहर परिक्कर जी, विवादों से अलग रहकर एक रक्षामंत्री के रूप में पहले देश की सेवा की फिर गोवा की जनता की सेवा अंतिम सांस तक करते रहे
ऐसे नेता आज के परिवेश में बहुत ही कम मिलते है । नेताओ को इनसे सीखने की जरूरत है कि विवादों से दूर रहकर देश सेवा कैसे की जाती है
माननीय परिक्कर जी हमेशा देश के इतिहास में एक सादगी पूर्ण और उन्नतिशील नेता के रूप में याद किये जायेंगे
अंत मे आपको भावपूर्ण श्रधांजलि
एक बार एक ऑडी कार एक स्कूटर से टकरा गई और कार से उतर कर एक नवयुवक कहता है कि मैं गोवा के पुलिस कमिश्नर का बेटा हूं
और स्कूटर से उठकर एक युवक बड़ी ही सादगी से कहता है कि मैं गोवा का मुख्यमंत्री हूं
ऐसी सादगी के मिसाल थे मनोहर परिक्कर जी, विवादों से अलग रहकर एक रक्षामंत्री के रूप में पहले देश की सेवा की फिर गोवा की जनता की सेवा अंतिम सांस तक करते रहे
ऐसे नेता आज के परिवेश में बहुत ही कम मिलते है । नेताओ को इनसे सीखने की जरूरत है कि विवादों से दूर रहकर देश सेवा कैसे की जाती है
माननीय परिक्कर जी हमेशा देश के इतिहास में एक सादगी पूर्ण और उन्नतिशील नेता के रूप में याद किये जायेंगे
अंत मे आपको भावपूर्ण श्रधांजलि
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