चुनाव2019: हिन्दू -मुस्लिम मुद्दा फिर से
आज महाराष्ट्र में अपने आदरणीय मोदी जी ने फिर से अपने प्रिय मुद्दे हिंदू मुस्लिम पर आ ही गये । उन्होंने बताया कि जहां से राहुल गांधी चुनाव लड़ रहे है वहा पर हिंदू अल्पसंख्यक है
इस तरह से मोदी जी फिर से हिंदू हिंदू करके हिंदू भावनाओ को अपनी तरफ मोड़ना चाहते है ,अब शुरू कर दिए है तो अब धीरे धीरे देश के चुनावी माहौल में हिन्दू और मुस्लिम का रंग घोलना शुरू कर ही देंगे । बात इतनी सी है यदि पूरा देश एक है और पूरे देश का एक ही संविधान एक है उसमें है कि देश धर्म निरपेक्ष है तो ऐसी बाते करना कहा से शोभा देता है कि यहां हिंदू कम है यहां मुस्लिम ज्यादा है
इनका सीधा सा फंडा है कि किसी तरह से डर का माहौल बनाया जाए देश को बाटकर वोट लिया जाए। आदरणीय मोदी जी आपने तो सबका साथ सबका विकास का नारा दिया था तो अब यह बात कहा से कर रहे है यहां हिन्दू अल्पसंख्यक है
विपक्ष धीरे धीरे ही सही जनता के वाजिब मुद्दे बेरोजगारी ,गरीबी ,अशिक्षा और अन्य मुद्दों पर बात करती दिख रही है । लेकिन तब तक सत्ता पार्टी लेकर आ गयी अपना पुराना हथियार, भाई साहब है सीधी सी बात अब तो आप भी पांच साल सरकार चला ही लिए है तो बेहतर है एक अलग माहौल दीजिये और जनता की असल परेशानी और जरूरत को ही मुद्दा बनाइये क्यो लोगो को धर्म जाति में उलझा रहे है वो क्या है न देश धीरे धीरे जागरूक जरूर हो रहा है लेकिन एक बहुत ही बड़ी जनसंख्या अभी भी देश मे है जो धर्म और जाति के नाम पर आसानी से अपने मूलभूत मुद्दे भूल जाती है
प्रधानमंत्री जी आपसे आशा है कि अब आप एक बार प्रधानमंत्री पद पर रह चुके है और उसकी गरिमा को समझते भी होंगे ,आपसे एक नए शुरुवात की आशा करता है देश की चुनाव को धर्म जाति से मुक्त रखते हुए जनता के जरूरी मुद्दे गरीबी शिक्षा बेरोजगारी जैसे मुद्दे पर चुनाव लड़ेंगे की आपने पांच साल में क्या किया और आगे क्या करेंगे। बाकी देश तो इतने सालों से इन्ही जाति धर्म मे फसा है।आप बात करते है विश्वगुरु की तो शायद उसके लिए धर्म और जाति से ज्यादा देश को शिक्षा और स्वास्थ्य और रोजगार की जरूरत है।।
इस तरह से मोदी जी फिर से हिंदू हिंदू करके हिंदू भावनाओ को अपनी तरफ मोड़ना चाहते है ,अब शुरू कर दिए है तो अब धीरे धीरे देश के चुनावी माहौल में हिन्दू और मुस्लिम का रंग घोलना शुरू कर ही देंगे । बात इतनी सी है यदि पूरा देश एक है और पूरे देश का एक ही संविधान एक है उसमें है कि देश धर्म निरपेक्ष है तो ऐसी बाते करना कहा से शोभा देता है कि यहां हिंदू कम है यहां मुस्लिम ज्यादा है
इनका सीधा सा फंडा है कि किसी तरह से डर का माहौल बनाया जाए देश को बाटकर वोट लिया जाए। आदरणीय मोदी जी आपने तो सबका साथ सबका विकास का नारा दिया था तो अब यह बात कहा से कर रहे है यहां हिन्दू अल्पसंख्यक है
विपक्ष धीरे धीरे ही सही जनता के वाजिब मुद्दे बेरोजगारी ,गरीबी ,अशिक्षा और अन्य मुद्दों पर बात करती दिख रही है । लेकिन तब तक सत्ता पार्टी लेकर आ गयी अपना पुराना हथियार, भाई साहब है सीधी सी बात अब तो आप भी पांच साल सरकार चला ही लिए है तो बेहतर है एक अलग माहौल दीजिये और जनता की असल परेशानी और जरूरत को ही मुद्दा बनाइये क्यो लोगो को धर्म जाति में उलझा रहे है वो क्या है न देश धीरे धीरे जागरूक जरूर हो रहा है लेकिन एक बहुत ही बड़ी जनसंख्या अभी भी देश मे है जो धर्म और जाति के नाम पर आसानी से अपने मूलभूत मुद्दे भूल जाती है
प्रधानमंत्री जी आपसे आशा है कि अब आप एक बार प्रधानमंत्री पद पर रह चुके है और उसकी गरिमा को समझते भी होंगे ,आपसे एक नए शुरुवात की आशा करता है देश की चुनाव को धर्म जाति से मुक्त रखते हुए जनता के जरूरी मुद्दे गरीबी शिक्षा बेरोजगारी जैसे मुद्दे पर चुनाव लड़ेंगे की आपने पांच साल में क्या किया और आगे क्या करेंगे। बाकी देश तो इतने सालों से इन्ही जाति धर्म मे फसा है।आप बात करते है विश्वगुरु की तो शायद उसके लिए धर्म और जाति से ज्यादा देश को शिक्षा और स्वास्थ्य और रोजगार की जरूरत है।।

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