डॉ भीमराव आंबेडकर : कुछ खास बातें


आज भारतीय इतिहास के एक महान नेता ,समाजसेवी, दलित,पिछड़ो और महिलाओं को बराबरी का हक दिलवाने वाले  डा आम्बेडकर की जयंती है। आम्बेडकर जी का पूरा जीवन संघर्षो से भरा पड़ा है उनके जीवन से हर किसी को अपने हक के लिए लड़ने की सीख मिलती है ,उन्होंने अपने जीवन मे जो सामाजिक छुआछूत वाली बीमारी का सामना किया था बाद में उन्होंने उसे समाज से खत्म करने की पूरी कोशिश की उन्होंने हमेशा लोगो से धर्म के बारे में कहा कि मैं 
केवल वही धर्म को मानता हूं जो स्वतन्त्रता,समानता और भाईचारा को सिखाए और वर्तमान परिदृश्य को देखे तो हमे ऐसे ही धर्म की जरूरत है जिस तरह से लोग धार्मिक कट्टरता की तरफ बढ़कर एक दूसरे के दुश्मन बन रहे है तो हमे ऐसे ही धर्म की जरूरत है जो सामाजिक सद्भाव को बढ़ावा दे और समाज मे अमन और शांति प्रदान करे
आम्बेडकर जी ने कहा है कि हमे ऐसी शिक्षा चाहिए जिससे चरित्र का निर्माण हो मन की शांति बढ़े बुद्धि का विकास हो और मनुष्य अपने पैरों पर खड़ा हो,अगर हम देखे हमे शिक्षा की जरूरत इसी के लिए ही है अगर चरित्र निमार्ण होगा बुद्धि का विकास होगा और हर इंसान अपने पैरों पर खड़ा होगा तो देश का विकास स्वतः हो जाएगा लेकिन वर्तमान परिदृश्य में हम पाते है कि जिस तरह से शिक्षा पूंजीवाद और बाजारीकरण की भेंट चढ़ रहा है इसका परिणाम यह है कि धीरे धीरे ही सही शिक्षा का दायरा घटाया जा रहा है लोगो को शिक्षा से दूर करके कुछ खास दायरे में शिक्षा को बाधने की कोशिश होती ही रहती है
आम्बेडकर जी ने कहा है कि मैं किसी समुदाय की प्रगति उस समुदाय के महिलाओ की प्रगति से मापता हूं
बाबा साहब ने महिलाओं के हक के लिए भी हर संभव कदम उठाया और उनको समान भागीदारी दिलवाने के लिए संविधान में प्रावधान की भी कोशिस किए
आम्बेडकर जी ने कहा कि जब तक आप सामाजिक स्वतंत्रता नही प्राप्त कर लेते,कानून आपको जो भी स्वतंत्रता देता है वह महज बेमानी है,इस बात का सीधा सा मतलब देखे तो उन्होंने हर इंसान को बराबरी के लिए हमेशा संघर्ष किया,वह हमेशा समाज मे फैली असमानता ,छुआछूत ,भेदभाव के खिलाफ रहे और उन्होंने इससे निपटने के लिए संविधान में आरक्षण की व्यवस्था भी किये है जिसका धीरे धीरे ही सही लेकिन भारतीय समाज समानता और भेदभाव की तरफ लगातार बढ़ रहा है
अगर बाबा साहब के जीवन और संघर्ष का अध्ययन हम करे तो पाते है कि इनका जीवन हमे अपने हक को पाने के लिए संघर्ष करने की सीख देता है हमे ऐसा कानून मिला है जिसके आधार पर हम अपना हक बिना किसी से दबे ले सकते है ,

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