BJP के संकल्प पत्र में क्या कुछ खास



चुनाव के मौसम की सरगर्मी को बढ़ाते हुए भारतीय लोकतंत्र की वर्तमान सत्तासीन पार्टी BJP ने भी अपना घोषणा पत्र 'संकल्प पत्र' के नाम से जारी किया है।यदि वर्तमान दृश्य को देखा जाए तो हमारे देश की महत्वपूर्ण समस्या से ग्रस्त जो क्षेत्र है उनमें प्रमुख रूप से किसान ,शिक्षा,स्वास्थ्य,बेरोजगारी और स्वस्थ परिवेश आते है । स्वस्थ परिवेश भले ही अब तक मुद्दा न रहा हो लेकिन धीरे धीरे यह भी मुख्य मुद्दे में शामिल हो रहा है
आज BJP ने अपना घोषणा पत्र जनता के सामने प्रकाशित किया है ,तो हम उनके मुख्य बातो पर बात कर लेते है
1.किसान- अगर हम देखे तो किसान इस चुनाव को प्रमुखता से सबसे ज्यादा प्रभावित कर रहे है,भारत की एक बहुत ही बड़ी जनसंख्या किसान के रूप में देश मे निवास करते है तो जाहिर सी बात है हर कोई इन्हें लुभाना चाहेगा, पहली बात जो किसानों से की गई है वो यह है कि 2022 तक आय दुगुनी करेंगे तो यह तो पुराना ही वादा है इनका इस पर कायदे से ये यह बताये की पांच साल में कितना हुआ ,दूसरी बात किसान को सम्मान निधि देंगे इस पर तो कुछ कह नही सकते मिल जाये तो सहायता तो होगी लेकिन कही बाद में इसे भी जुमला न बता दे ये लोग,तीसरी बात जो है वह है कि 60 साल के बाद सीमांत किसानों को एक पेंशन स्कीम के लिए ,अगर यह होता है ईमानदारी से तो काफी बेटर होगा किसान के लिए
2.शिक्षा-शिक्षा के लिए कुछ विशेष खुलकर नही कहा गया है कि कितना करेंगे कैसे करेंगे ,क्योकि यह मुद्दा आज की सबसे बड़ी जरूरत है तो इस पर विस्तार से बात रखना चाहिए था ,लोग बढ़ रहे है तो उन्हें शिक्षा की जरूरत होगी उसके लिए कोई नई यूनिवर्सिटी की घोषणा होनी ही चाहिए थी ,इसमे 75 मेडिकल कॉलेज खोलने की बात जरूर की गई है
3.परिवेश- इसके लिए काफी खुलकर बात हुई है कि हर घर तक शौचालय,और साफ पानी पहुचाया जाएगा ,यह बात आज के लिए सबसे जरूरी है कि साफ पानी तक सबकी पहुच हो, सबको बैंक से जोड़ना, सबके लिए पक्का मकान, और शत प्रतिशत बिजली की पहुच यह तो पुराना ही वादा है,एक बात और जो अपनी तरफ खिंचती है वो यह है कि 100 प्रतिशत कूड़ा संग्रह की बात की गई है लेकिन यह नही बताया गया कि जो कूड़ा संग्रह होगा उसे निस्तारित कैसे करेंगे
4-स्वास्थ्य के नाम पर भी शायद टीकाकरण तक ही रुक गया है बाकी बाते सब पहले से जो लांच है वही है
5.जो एक सबसे बड़ी बात हुई BJP ने दुबारा राम मंदिर का राग अलापा है जो कि इनके सालो साल से घोषणा पत्र में लाते ही रहते है,लेकिन यह महज एक जुमला ही है क्योंकि जो काम अदालत की जिम्मे है उसे वही छोड़ दे तो बेहतर है यह बस मंदिर के नाम पर वोट लेने की चाहत भर है
मुझे जो बातें जरूरी थी उसमें लगभग यही थी जो नई लगी उसे संछिप्त बात यही है।बाकी आप इनका घोषणा पत्र डाउनलोड करके पढ़े और उसकी तुलना जरूर करे कि 2014 में जो इन्होंने आपसे कहा उसमे कितना जमीन पर उतारा है इस पर विचार करे फिर अन्य पार्टियों के घोषणा पत्र पढ़े तब जाकर वोट करने जाए जिससे एक बेहतर भविष्य आपका और समाज का बन सके

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