आदर्श अचार संहिता : एक लेख
चुनाव आयोग द्वारा 17वी लोकसभा के तिथि घोषणा के साथ ही आदर्श आचार संहिता भी लागू हो गयी है।
आखिर आदर्श आचार संहिता क्या है यह सवाल भी हमारे और आपके मन मे आना लाजमी है ,इसी को ध्यान में रखकर एक लेख
आदर्श आचार संहिता चुनाव आयोग द्वारा चुनाव के निर्धारित समय मे राजनीतिक पार्टियों उम्मीदवारों को कैसा आचरण करना है इसके लिए नियम कानून तय किये गए है,इसी नियम कानून का पालन हर राष्ट्रीय और क्षेत्रीय पार्टियो और उनके उम्मीदवारों को करना होता है
अचार संहिता के अंतर्गत कोई भी उम्मीदवार या पार्टी अपने प्रचार प्रसार में सांप्रदायिकता क्षेत्रवाद जातिवाद के नाम पर वोट नही मागेगा
कोई भी उम्मीदवार या पार्टी किसी को डरा धमकाकर या रिश्वत देकर वोट नही मागेगा
कोई किसी की व्यक्तिगत आलोचना नही करेगा,लेकिन अगर हम ध्यान दे तो हम पाते है कि पूरे के पूरे चुनाव में व्यक्तिगत आलोचना ही होती है
किसी भी पार्टी के कार्यकर्ता अन्य किसी भी चुनावी रैली में दूसरे पार्टी के लोगो के लिए परेशानी नही पैदा करेंगे,लेकिन यह भी काम काफी अच्छे से पार्टी कार्यकर्ता करते ही है
अगर हम आज तक के इतिहास पर नजर डालते है तो पाते है कि हमारी राजनीतिक पार्टियां और उम्मीदवार जितना कम से कम हो सकता है उतना ही अचार संहिता का पालन करते है लेकिन फिर भी हम आशा करते है कि इस लोकतंत्र के सबसे बड़े पर्व पर हमारे नेता चुनावी अचार संहिता का पूरे सम्मान के साथ पालन करेंगे ,और एक आदर्श माहौल देश के नागरिकों को खुद उनका नेता चुनने का मौका देंगे
आखिर आदर्श आचार संहिता क्या है यह सवाल भी हमारे और आपके मन मे आना लाजमी है ,इसी को ध्यान में रखकर एक लेख
आदर्श आचार संहिता चुनाव आयोग द्वारा चुनाव के निर्धारित समय मे राजनीतिक पार्टियों उम्मीदवारों को कैसा आचरण करना है इसके लिए नियम कानून तय किये गए है,इसी नियम कानून का पालन हर राष्ट्रीय और क्षेत्रीय पार्टियो और उनके उम्मीदवारों को करना होता है
अचार संहिता के अंतर्गत कोई भी उम्मीदवार या पार्टी अपने प्रचार प्रसार में सांप्रदायिकता क्षेत्रवाद जातिवाद के नाम पर वोट नही मागेगा
कोई भी उम्मीदवार या पार्टी किसी को डरा धमकाकर या रिश्वत देकर वोट नही मागेगा
कोई किसी की व्यक्तिगत आलोचना नही करेगा,लेकिन अगर हम ध्यान दे तो हम पाते है कि पूरे के पूरे चुनाव में व्यक्तिगत आलोचना ही होती है
किसी भी पार्टी के कार्यकर्ता अन्य किसी भी चुनावी रैली में दूसरे पार्टी के लोगो के लिए परेशानी नही पैदा करेंगे,लेकिन यह भी काम काफी अच्छे से पार्टी कार्यकर्ता करते ही है
अगर हम आज तक के इतिहास पर नजर डालते है तो पाते है कि हमारी राजनीतिक पार्टियां और उम्मीदवार जितना कम से कम हो सकता है उतना ही अचार संहिता का पालन करते है लेकिन फिर भी हम आशा करते है कि इस लोकतंत्र के सबसे बड़े पर्व पर हमारे नेता चुनावी अचार संहिता का पूरे सम्मान के साथ पालन करेंगे ,और एक आदर्श माहौल देश के नागरिकों को खुद उनका नेता चुनने का मौका देंगे
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