प्रख्यात समाजवादी :राम मनोहर लोहिया
सर्वप्रथम महान शहीदों को विनम्र श्रद्धांजलि
आज 23 मार्च का दिन शहीद दिवस के साथ एक महान शख्स के जन्म के लिए भी जाना जाता है जिनका नाम राम मनोहर लोहिया था । राम मनोहर लोहिया को एक प्रखर वक्ता ,समाजवादी विचारधारा के प्रवर्तक ,भारतीय राजनीति को नए विचार और दिशा प्रदान करने वाले व्यक्तित्व के रूप में जाना जाता है।
शुरू से ही अगर राजनीति में नेताओ के विरोध करने का साहस अगर किसी नेता ने दिखाया है तो लोहिया जी इनमे अग्रणी भूमिका में रहे है। चाहे बात नेहरू जी के 25 हजार रु खर्च करने की हो या इंदिरा जी को गूंगी गुड़िया कहने का साहस की हो या बात महिलाओ के हक में बोलने की की महिलाओं को सती-सीता होने की जरूरत नही है उन्हें द्रौपदी बनना चाहिए
एक बात जो आज भी भारतीय राजनीति में सुनने को मिलती है की "जिंदा कौमें पांच साल इंतजार नही करती" का आह्वान लोहिया जी ने कांग्रेस को उखाड़ फेंकने के लिए की थी
एक बात उत्तरी भारत मे आज भी कही जाती है कि
"जब जब लोहिया बोलता है,दिल्ली का तख्ता डोलता है"
बात अगर उत्तर प्रदेश के बारे में देखे तो मुलायम सिंह को पहली बार टिकट लोहिया जी ने दिया था जसवंत नगर विधान सभा सीट से,समाजवादी पार्टी आज भी लोहिया जी को ही अपना सबसे बड़ा आदर्श मानती है
लोहिया जी अनेक भाषाओं बंग्ला,मराठी ,अंग्रेजी ,फ्रेंच और जर्मन भाषाओ के जानकार थे लेकिन उन्होंने सदैव हिंदी में बोला जिससे अधिक लोग उनकी बात सुन सके।
लोहिया जी के लिए आम आदमी का हित और महिलाओं को समाज मे बराबरी के दर्जे के सदैव हिमायती रहे है इसके लिए हमेशा आवाज उठाई उन्होंने।
लोहिया जी एक दूरदर्शी ,समाजवादी विचारधारा,लोक हित, सामाजिक सद्भाव को सदैव बढ़ावा देने वाले नेता थे ,भारतीय राजनीति में उन जैसा नेता होना मुश्किल ही है ,देश उनके विचारों का सदैव कर्जदार रहेगा
लोहिया जी को उनके जयंती पर सादर नमन

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