स्वप्रेम का मतलब स्वार्थी नही ।।
स्वप्रेम शब्द जैसे ही हमारे सामने आता है तो एक बार हमारे मन मे विचार आता है क्या की स्वप्रेम का मतलब कही स्वार्थ तो नही
जहा तक मेरा मानना है स्वप्रेम का मतलब कतई स्वार्थ नही होता है।आप को जब तक स्वप्रेम नही होगा तब तक आप अपने अंदर और बाहर हो रहे शारीरिक और मानसिक बदलाव को महसूस नही कर सकते है।फलस्वरूप आप धीरे-धीरे ही सही लेकिन कही न कही आप मानसिक और शारीरिक क्षमता का ह्रास कर रहे होंगे।स्वप्रेम न होने की स्थिति में हम और आप भौतिक सुख समृद्धि पाने के चक्कर मे दिन रात भागम भाग में लगे रहते है अभी अपने बारे में सोचते ही नही जब हम यह सोचेंगे ही नही यह भाग दौड़ किसलिए कर रहे है तब तक हमे अपने बारे में कैसे पता चलेगा
कोई भी कार्य करने से पहले हमें उस कार्य के बारे में सोचना होगा कि यह कार्य कैसे प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप हमे प्रभावित करेगा इससे धीरे धीरे ही सही आपकी अपने बारे में सोचने का मौका मिलेगा यही से शुरू होगा आपका स्वप्रेम,जब आप अपने बारे में सोचेंगे तो आपको खुद के अंदर की अच्छाइयों और बुराइयों से परिचित होंगे फिर आप अच्छी चीजों को संग्रहित करेंगे और बुरी चीजो को दूर करने का धीरे धीरे ही सही लेकिन प्रयास तो करेंगे
आपको आपने बारे में सोचकर खुद के मानसिक विकारों को दूर करना आपको एक बेहतर इंसान बनाएगा जो आपको अपने सामाजिक स्तर को सही करने में भी मदद करेगा जब आप अच्छे होंगे तो आप समाज को भी एक बेहतर और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करेंगे ,
जहा तक मेरा मानना है स्वप्रेम का मतलब कतई स्वार्थ नही होता है।आप को जब तक स्वप्रेम नही होगा तब तक आप अपने अंदर और बाहर हो रहे शारीरिक और मानसिक बदलाव को महसूस नही कर सकते है।फलस्वरूप आप धीरे-धीरे ही सही लेकिन कही न कही आप मानसिक और शारीरिक क्षमता का ह्रास कर रहे होंगे।स्वप्रेम न होने की स्थिति में हम और आप भौतिक सुख समृद्धि पाने के चक्कर मे दिन रात भागम भाग में लगे रहते है अभी अपने बारे में सोचते ही नही जब हम यह सोचेंगे ही नही यह भाग दौड़ किसलिए कर रहे है तब तक हमे अपने बारे में कैसे पता चलेगा
कोई भी कार्य करने से पहले हमें उस कार्य के बारे में सोचना होगा कि यह कार्य कैसे प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप हमे प्रभावित करेगा इससे धीरे धीरे ही सही आपकी अपने बारे में सोचने का मौका मिलेगा यही से शुरू होगा आपका स्वप्रेम,जब आप अपने बारे में सोचेंगे तो आपको खुद के अंदर की अच्छाइयों और बुराइयों से परिचित होंगे फिर आप अच्छी चीजों को संग्रहित करेंगे और बुरी चीजो को दूर करने का धीरे धीरे ही सही लेकिन प्रयास तो करेंगे
आपको आपने बारे में सोचकर खुद के मानसिक विकारों को दूर करना आपको एक बेहतर इंसान बनाएगा जो आपको अपने सामाजिक स्तर को सही करने में भी मदद करेगा जब आप अच्छे होंगे तो आप समाज को भी एक बेहतर और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करेंगे ,
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