स्मोकिंग को गुड बॉय कहे
आज नो स्मोकिंग डे है । हर साल स्मोकिंग जैसी जानलेवा बुराई को खत्म करने के लिए जागरूकता फैलाने के लिए मार्च माह के दूसरे बुधवार को 'नो स्मोकिंग डे' मनाया जाता है
आज के परिदृश्य पर नजर डाले तो हम पाते है कि आज स्मोकिंग जैसी बुराई की गिरफ्त में देश का युवा पीढ़ी बड़ी ही आसानी से आ रहा है । देश की युवा पीढ़ी खुद को पहले तो शौकिया शुरू कर रहे है फिर टाइम बीतने के साथ कब यह आदत बन जाती है उन्हें भी पता नही चलता , और अधिकतर लोग इसकी गिरफ्त में इस चक्कर मे आ जाते है क्योंकि समाज मे एक झूठ का प्रचार है कि नशा मानसिक थकान को कम करता है जिसके चक्कर मे हालात ये है कि हर कोई मानसिक थकान और टेंशन के नाम पर इस बुराई को पूरे जोर शोर से अपना रहा है ।
हम आप अगर ध्यान दे तो पाते है कि इसके बारे में जागरूकता न होने के कारण लोग सांस की बीमारी,फेफड़े की बीमारी और चेस्ट कैंसर जैसी बीमारी के चपेट में आसानी से आ जाते है । ये बीमारिया ऐसी है कि अगर एक को होती है तो प्रभावित पूरा परिवार ही होता है कुछ न सही तो आर्थिक रूप से परेशान तो हो ही जाता है
अब स्थिति ऐसी है कि अपना पर्यावरण वैसे ही इतना धूल और धुंए से दिन ब दिन भारता जा रहा है कि हमे अलग से कोई धुंए की जरूरत ही नही है तो क्यो न हम अपने लिए पर्यावरण के लिए और अपने आने वाले कल के लिए स्मोकिंग को नो बोल दे ।।
।।नो स्मोकिंग प्लीज ।।
आपका विचारो का स्वागत है
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