चौकीदार तेरे राज में ,बेरोजगार घूमे बाजार में
चौकीदार शब्द सुनते ही सबसे पहले हमारे जेहन में जो ख्याल आते है वो यह है की ऐसा इंसान जो पूरी ईमानदारी और तल्लीनता से अपनी जिम्मेदारी निभाता है चाहे रात हो या दिन
आज कल एक अलग ही नौटंकी दिख रही है सोशल मीडिया में हर बंदा चौकीदार ही बन रहा है,वैसे मैं चौकीदार होने को लेकर कोई ओछी सोच नही रखता की चौकीदार होना गलत है लेकिन भाईसाहब यह जिम्मेदारी आप निजी जिंदगी में कितना निभा रहे है सवाल यह है कि आप एक नागरिक है तो क्या आप अपनी नागरिक रूपी चौकीदारी कर रहे है ।क्या आपने एक भी बार अपने नागरिक धर्म को निभाया,की बस केवल फ़ेसबुक और ट्विटर पर नाम ही बदल रहे है
चलिए थोड़ी बात माननीय लोगो की भी करते है जो बाकी दुनिया के सभी जरूरी मुद्दे भुलाकर रातो रात खुद चौकीदार बन गए और देश को भी चौकीदार बना दिया।एक बात जो इस साल सबसे बड़ा सवाल था रोजगार का ,क्या उसकी चौकीदारी हुई है माननीय चौकीदार जी,आप बताइए इस साल तो आपने भरमार ही कर दिया फॉर्म पर फॉर्म भरवा कर लेकिन आप अपना पिछले पांच साल रोजगार पर कौन सी चौकीदारी की है
अपने रोजगार तो दिए नही ,और जब सवाल आता है कि कितने रोजगार मिले आपकी रामराज्य सरकार में तो आप डाटा ही नही जारी होने देते,ऊपर से आपके मंत्री जबाब देते है कि रोजगार करने वाले नही बचे है देश मे इतना रोजगार हो गया है तो साहब एक बात बता देता हूं कि BA, MA और B. TECH की डिग्री लेकर ग्रुप D में नौकरी करना रोजगार नही है वो मजबूरी है
जरा आप चौकीदार से बात करिये असली वालो से सोशल मीडिया वालों से नही,उनमे भी कितने सही समय पर फॉर्म न आने के कारण उम्र निकल गयी अब चौकीदारी कर रहे है
राजनीति का भी खेल तो पुराना है मुद्दे जो भी है आप लॉलीपॉप लाएंगे फेकेंगे वोट लेंगे चलते बनेंगे ।लेकिन जिनकी जिंदगी बर्बाद होती है उनसे बात करिये पता चल जाएगा 4साल,5साल पढ़कर बेरोजगार होना कितना दर्द देता है
बाकी का क्या एक निवेदन है हर पार्टी ,उम्मीदवार और जनता से की आप वास्तविक मुद्दे लाइये, उसपर लड़िये
आज सवाल ज्यादा bjp से है क्योकि वो सत्ता में है कल कोई भी सत्ता में होगा उससे भी सवाल होगा,जो भी जायज मुद्दे पर नही काम करेगा सवाल हर किसी से होगा,क्योकि हम जनता है और हमारा यही धर्म और कर्तव्य है
आज कल एक अलग ही नौटंकी दिख रही है सोशल मीडिया में हर बंदा चौकीदार ही बन रहा है,वैसे मैं चौकीदार होने को लेकर कोई ओछी सोच नही रखता की चौकीदार होना गलत है लेकिन भाईसाहब यह जिम्मेदारी आप निजी जिंदगी में कितना निभा रहे है सवाल यह है कि आप एक नागरिक है तो क्या आप अपनी नागरिक रूपी चौकीदारी कर रहे है ।क्या आपने एक भी बार अपने नागरिक धर्म को निभाया,की बस केवल फ़ेसबुक और ट्विटर पर नाम ही बदल रहे है
चलिए थोड़ी बात माननीय लोगो की भी करते है जो बाकी दुनिया के सभी जरूरी मुद्दे भुलाकर रातो रात खुद चौकीदार बन गए और देश को भी चौकीदार बना दिया।एक बात जो इस साल सबसे बड़ा सवाल था रोजगार का ,क्या उसकी चौकीदारी हुई है माननीय चौकीदार जी,आप बताइए इस साल तो आपने भरमार ही कर दिया फॉर्म पर फॉर्म भरवा कर लेकिन आप अपना पिछले पांच साल रोजगार पर कौन सी चौकीदारी की है
अपने रोजगार तो दिए नही ,और जब सवाल आता है कि कितने रोजगार मिले आपकी रामराज्य सरकार में तो आप डाटा ही नही जारी होने देते,ऊपर से आपके मंत्री जबाब देते है कि रोजगार करने वाले नही बचे है देश मे इतना रोजगार हो गया है तो साहब एक बात बता देता हूं कि BA, MA और B. TECH की डिग्री लेकर ग्रुप D में नौकरी करना रोजगार नही है वो मजबूरी है
जरा आप चौकीदार से बात करिये असली वालो से सोशल मीडिया वालों से नही,उनमे भी कितने सही समय पर फॉर्म न आने के कारण उम्र निकल गयी अब चौकीदारी कर रहे है
राजनीति का भी खेल तो पुराना है मुद्दे जो भी है आप लॉलीपॉप लाएंगे फेकेंगे वोट लेंगे चलते बनेंगे ।लेकिन जिनकी जिंदगी बर्बाद होती है उनसे बात करिये पता चल जाएगा 4साल,5साल पढ़कर बेरोजगार होना कितना दर्द देता है
बाकी का क्या एक निवेदन है हर पार्टी ,उम्मीदवार और जनता से की आप वास्तविक मुद्दे लाइये, उसपर लड़िये
आज सवाल ज्यादा bjp से है क्योकि वो सत्ता में है कल कोई भी सत्ता में होगा उससे भी सवाल होगा,जो भी जायज मुद्दे पर नही काम करेगा सवाल हर किसी से होगा,क्योकि हम जनता है और हमारा यही धर्म और कर्तव्य है

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